Difference Between Black vs White Hat SEO

ब्लैक हैट सेव और वाइट हैट सेव क्या है

अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च इंजन के लिए ऑप्टिमाइज़ करना, मतलब सर्च इंजन के अनुकूल बनाना अच्छा है, क्योकि यह आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक लाता है और आपके पेज रैंक को भी बढ़ाता है, अगर आप एक ब्लॉग पर हर दिन काम करते है और पोस्ट करते है तो यह भी एसईओ का ही एक हिस्सा है

अगर आप गूगल के नियम को ध्यान रखते है तो आपके एसईओ में यह मददगार होता है, और आप जो भी मेहनत करते है उसका फल आपको ठीक तरह से मिलता है!

लेकिन कभी कभी ट्रैफिक को बढ़ाने या वेबसाइट पर एसईओ करने के चक्कर में हम गूगल के नियम को भूल जाते है,
अगर आप वेबसाइट को बहुत ज्यादा ऑप्टिमाइज़ करते है तो आपकी वेबसाइट को सर्च इंजन अवैध (Banned) कर सकता है
क्योकि जरुरत से ज्यादा वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करना ब्लैक हैट एसईओ कहलाता है,
छोटे शब्दो में हम ये कह सकते है की आपकी वेबसाइट पर उसकी जरुरत के हिसाब से ही काम होना चाहिए, अगर जरुरत से ज्यादा या बहुत ज्यादा काम होता है तो यह गूगल के नियम के खिलाफ है

black hat or white hat seo kya hai

कोई भी सर्च इंजन चाहता है की आपकी वेबसाइट एकदम ठीक तरह से बनी हो और उसका एसईओ जरुरत के हिसाब से किया गया हो, उसके लिए आपको यह जानना जरुरी है की वेबसाइट पर किये गए किन कामो की वजह से आपकी वेबसाइट पर ख़राब असर पड़ सकता है

 

1. कीवर्ड स्टफ्फिंग – Keyword Stuffing
कीवर्ड स्टफ्फिंग एक ऐसी ट्रिक है जिससे कोई भी सर्च इंजन, खासकर गूगल सर्च इंजन सबसे ज्यादा नफरत करता है, कीवर्ड स्टफ्फिंग का मतलब है की आपके पेज पर कोई भी ऐसी लाइन या शब्को का भंडार जिसका कोई मतलब ही न बनता हो, अगर आपको अपने बनाये हुए पेज पर कुछ ऐसा लिखा हुआ है जिसको पड़ने के बाद कुछ अर्थ नहीं बन रहा है तो यह कीवर्ड स्टफ्फिंग कहलाती है, और सर्च इंजन इसे बैंड कर देता है

seo me Keyword stuffing kya hai

 

2. एंकर टेक्स्ट – Anchor Text Keyword Backlinks
उम्मीद है आप एंकर टेक्स्ट क्या है ये जानते ही होंगे, लेकिन अगर आपके पेज पर काफी सारे एंकर टेक्स्ट है जो की दूसरे पेज पर या वेवबसाइट से बाहर जा रहे है तो उसके लिए आपको ध्यान रखना होगा की एंकर टेक्स्ट को इस तरह लगाया जाए की पड़ने वालो को समझ आ जाए और यह भी पता लग जाए की वह इस लिंक को क्लिक करके इस पेज से बाहर चला जायेगा,

उदहारण: के लिए हमने यहाँ दूसरे पेज के नाम पर एंकर टेक्स्ट बनाया है और साथ ही यह एंकर टेक्स्ट आपको बताता भी है की आप दूसरे पेज पर जायेंगे
लेकिन अगर हम इस लाइन के अंत में अलग से सिर्फ दूसरे पेज लिख देंगे तो यह बिना मतलब का एंकर लिंक होगा, तो इस तरह के बिना वजह के एंकर लिंक बनाने से आपको बचना है

 

3. डुप्लीकेट कंटेंट – Duplicate Content
अब बात करते है डुप्लीकेट कंटेंट की जिससे आपको बचना है और कोशिश यही करनी है की आप किसी पेज पर बार बार एक ही कंटेंट न लगाए, कुछ एसईओ एक ही डिस्क्रिप्शन को सभी जगह लिख देते है या फिर एक ही आर्टिकल को काफी साड़ी वेबसाइट पर लगा देते है जिससे गूगल इंडेक्स करते ही समझ जाता है की यह शब्द किसी और वेबसाइट से कॉपी किये है,
और ऐसी स्थिति में सर्च इंजन आपकी वेबसाइट को बैंड कर सकता है, तो कोशिश यही करे की आर्टिकल को डुप्लीकेट न पोस्ट करे, और समय समय पर अपनी पोस्ट की जाने वाली डिस्क्रिप्शन भी बदलते रहे

 

4. ख़राब क्वालिटी के लिंक्स – Bad Linking Quality
जैसा की नाम से जाहिर होता है वैसा ही कुछ है, की आपको खराब क्वालिटी के बैकलिंक से बचना है, और कोशिश यही करनी है की जिस भी वेबसाइट से आप बैकलिंक ले रहे है उस वेबसाइट की क्वालिटी ठीक हो और वो किसी तरह का स्पैम न फैलाती हो,
आपको खास तौर पर एडल्ट और ड्रग या पोकर जैसी साइट्स से बचना है, क्योकि यह वेबसाइट सबसे ज्यादा स्पैम फैलाती है

 

5. गेस्ट पोस्टिंग – Guest Posting
और अंत में हम बात करते है गेस्ट पोस्टिंग की, जो की अभी सबसे ज्यादा प्रचलित है, साथ ही यह सबसे ज्यादा स्पैमिंग करने की वजह भी है, ऐसी कई साड़ी वेबसाइट है जो गेस्ट पोस्टिंग करने देती है, आप उस वेबसाइट पर जाकर कुछ भी पोस्ट कर सकते है और अपनी वेबसाइट का लिंक लगा सकते है,

लेकिन आप सोचिये की जब आप कुछ भी पोस्ट कर सकते है तो क्या स्पैमर नहीं करेगा, और जब स्पैमर उस वेबसाइट से स्पैम करेगा तो आपकी अछि खासी वेबसाइट भी स्पैम के एरिया में आएगी और स्पैम कहलाएगी,
तो ध्यान रहे की गेस्ट पोस्टिंग सिर्फ अछि वेबसाइट से करे, जिसका एडमिन (Admin) हर पोस्ट को देखने के बाद ही स्वीकार (Approve) करता हो, और कोई भी गलत वेबसाइट स्वीकार न करता हो

उम्मीद है दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छा लगा होगा, आपको ध्यान रखना है की अगर आपकी वेबसाइट वाइट है तो वाइट ही रहे, क्योकि अगर एक बार गूगल की नज़र में आपकी वेबसाइट स्पैम है या गलत पेज से आपके लिंक जुड़े है तो आपकी वेबसाइट के लिए यह खतरे की बात है,
हमेशा काम करते वक्त यह ध्यान रखे की आप सर्च इंजन के लिए अपनी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ कर रहे है अगर वेबसाइट सर्च इंजन के नियम के हिसाब से होगी तो गूगल खुद उस वेबसाइट को पसंद करेगा और अपने सर्च इंजन में अच्छी रैंकिंग के हिसाब से दिखायेगा

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